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UP Bhagya Lakshmi Yojana – बेटियों के लिए सरकारी योजना -UP

UP Bhagya Lakshmi Yojana इस आर्टिकल के द्वारा हम आपको इस योजना के बारे में डिटेल में बतायेगे की ये योजना क्या है? इसका क्या महत्व है और इसके लिए क्या क्या दस्तावेज आपको चाहिए होगा?

हमारे समाज में लड़कियों के लिए अच्छी सोच नहीं रखी जाती है। कई परिवार ऐसे है जो लड़कियों में पैसे खर्च नहीं करना चाहते है ना कोई उनकी पढाई के लिए सोचता है और ना ही उनको आगे बढ़ने का मौका मिलता है।  इसलिए हमारे समाज की लडकियां पढ़ नहीं पाती है ऐसी सोच रखने वाले भ्रूण हत्या तक कर डालते है। 

इसी सोच में सुधार लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया, उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी के द्वारा 2017 में एक योजना का सुभारम्भ किया गया, इस योजना का नाम भाग्यालक्ष्मी योजना रखा गया। यह योजना राज्य की बेटियों को आगे बढने में मदद करेगी और राज्य की बेटियां अब पढ़ सकेगी।

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना क्या है और कब शुरू की गयी ?

भाग्यलक्ष्मी योजना का उद्देश्य है गरीब घर की बेटी भी पढ़ सके, बेटियों के जन्म को बढ़ावा दिया जाए और भ्रूण हत्या न हो सके। इस योजना के तहत जब किसी गरीब परिवार में बेटी का जन्म होगा तो उनके माता पिता को बेटी के पालन पोषण के लिए बेटी के नाम पर 50000 रूपए की धन राशि प्रदान की जाएगी और बेटी की माँ को उसकी सेहत के लिए 5100 रूपए की धन राशि दी जाएगी और जब बेटी बड़ी होने लगेगी तो उसकी पढाई के लिए भी सरकार द्वारा इस योजना के तहत कुछ धनराशि दी जाएगी जैसे की- 

कक्षा 6वीं में  –    3000 रूपए 

कक्षा 8वीं में  –    5000 रूपए 

कक्षा 10 वीं में  – 7000 रूपए 

कक्षा 12वीं में  –  8000 रूपए 

इस तरह से इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी और जब बेटी 21 वर्ष की हो जाएगी तो उसकी शादी के लिए भाग्यलक्ष्मी योजना के अंतर्गत बेटी के नाम पर सरकार द्वारा 200000 रूपए  भी दिए जायेगे

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ

  • भाग्यालक्ष्मी योजना के द्वारा अब गरीब परिवार की  बेटियां भी पढ़ सकेगी
  • बेटियों का समाज में जगह मिल सकेगी  
  • लड़कियों के भविष्य को उज्जवल बनाना  
  • लड़कियों को अच्छी शिक्षा प्राप्त होना
  • कन्या भ्रूण हत्या नहीं होगी, लड़कियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकेगा
  • भाग्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत  जब बेटी जन्म लेगी तो उसके माता पिता को बेटी के पालन पोषण के लिए 50000 रुपये मिलेंगे और माँ को 5100 मिलेंगे
  • जब बेटी पढाई के लिए तैयार होगी तो कक्षा 3 में 3000 रूपए कक्षा 5 में 5000 रूपए और कक्षा 10 और 12  में 7000 और 8000 रूपए की आर्थिक मदद की जाएगी  
  • जब बेटी की उम्र 21 वर्ष होगी तो उसके माता पिता को  बेटी के नाम पर 2 लाख रूपए मिलेंगे  
  • इस योजना का लाभ एक परिवार की दो बेटियां ही उठा सकती है 

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना की कुछ आवश्यक बाते

  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की सालाना यानी वार्षिक आय 2 लाख रूपए या इससे कम होनी चाहिए
  • जो आवेदक इस योजना का लाभ उठाना चाहता है वो उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए
  • यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना के अंतर्गत एक परिवार की दो बेटियों को इस योजना का लाभ मिलेगा अगर किसी की जुड़वां बेटियां हुई है तो इस केस में जुड़वां बेटियों को एक ही माना  जायेगा पर लाभ दोनों जुड़वां बेटियों को अलग अलग मिलेगा जैसे की किसी की एक बेटी है फिर उसे दोबारा जुड़वां बेटियां हुई तो तीनो को इस योजना का लाभ मिलेगा
  • इस योजना का लाभ वही उठा पाएंगे जिनकी बेटियां 31 मार्च 2006 के बाद जन्मी है
  • यदि बेटी बीच में पढाई छोड़ दे तो फिर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा
  • यदि बेटी की शादी 18 वर्ष से पहले होती है तो फिर इस  योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए बेटी का जन्म प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है  
  • जो भी इस योजना का लाभ उठाना चाहता है उसका बैंक में खता होना अनिवार्य है 

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए आवश्यक कागज़

UP Bhagya Lakshmi Yojana का लाभ उठाने के लिए आपके पास निम्नलिखित कागज़ होने चाहिए 

मूलनिवासी प्रमाण पत्र 

माता पिता का आधार कार्ड 

परिवार आय प्रमाण पत्र 

जाती प्रमाण पत्र 

पासपोर्ट साइज की फोटो

बेटी का जन्म प्रमाण पत्र

आंगनवाड़ी में नामंकन  

मोबाइल नंबर 

बैंक पासबुक

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरे?

जो भी इस योजना का लाभ लेना चाहता है और जानना चाहता है की UP Bhagya Lakshmi Yojana  के लिए कैसे अप्लाई करे तो आप को नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना है

  • सबसे पहले आपको महिला एवम बाल विकास विभाग उत्तर प्रदेश की वेब साइट में जाना है.
  • उसके बाद वह से भाग्य लक्ष्मी योजना का PDF फॉर्म डाउनलोड करना है 
  • फिर उसके बाद कुछ जरुरी जानकारी भरनी है जैसे की बेटी का नाम, जन्मतिथि इत्यादि 
  • जब साड़ी जानकारी पूरी हो जाए तो आवश्यक कागज़ यानी डॉक्यूमेंट लगाकर नज़दीकी आंगनवाड़ी में या महिला कल्याण विभाग में ये भरा हुआ फॉर्म जमा कर देना है. 

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